पूर्व पुलिस महानिदेशक ने किया रहस्य विस्फोट, भडके ब्राम्हण संगठनों ने किया तीव्र आंदोलन

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पुणे, भारत डायरी समाचार सेवा : अपने सेवाकाल के दौरान से ही विवादों में घिरे रहे महाराष्ट्र राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस एम मुश्रीफ ने अब एक और विवादास्पद विस्फोट कर सबको चैंका दिया है। इस बार मुश्रीफ ने मराठी भाषा में एक किताब लिखी है जिसका शीर्षक है ‘‘ ब्राह्मणवाद्यांनी स्फोट केले, मुस्लीम लटकले‘‘ अर्थात ब्राम्हणवादियों ने किया विस्फोट और फंस गए मुसलमान।


पूर्व पुलिस अधिकारी मुश्रीफ की इस किताब में मालेगांव और अजमेर शरीफ में हुए विस्फोटों के लिए सीधेतौर पर ब्राम्हणवादियों को जिम्मेदार ठहराया गया है और स्पष्ट तौर पर लिखा है कि इसमें निरपराध मुसलमान फंसाए गए।


पुणे के बाल गंधर्व रंगमंदिर में आज मंगलवार 13 अगस्त को इस किताब का प्रकाशन समारोह आयोजित किया गया था। इस पुस्तक में पेश किए गए बदनामीकारक तथ्यों की भनक लगते ही पुणे के तमाम ब्राम्हणों में आक्रोश भडक उठा। उक्त प्रकाशन कार्यक्रम का विरोध करने के लिए अखिल भारती ब्राम्हण महासंघ ने कमर कसी और विरोध की रूपरेखा बनाई गई। इसकी जानकारी पुणे पुलिस को भी मिली तो पुलिस ने बालगंधर्व रंगमंदिर प्रांगण को पुलिस छावनी बना दिया।


इससे पहले मुश्रीफ इसी प्रकार की विस्फोटक और विवादास्पद पुस्तक ‘‘ किल्ड करकरे‘‘ लिखकर खूब प्रसिद्धी हासिल कर चुके हैं। अब यह उनका दूसरा प्रयोग है। इसे देखते हुए पुलिस ने कडा सुरक्षा पहरा रखा था।


प्रकाशन कार्यक्रम शुरू होते ही अखिल भारतीय ब्राम्हण महासंघ के आनंद दवे व मयूरेश अरगडे के साथ बडी संख्या में महासंघ के कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने किसी बडी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर आनंद दवे व मयुरेश अरगडे को हिरासत में ले लिया और प्रकाशन कार्यक्रम को अतिरिक्त सुरक्षा दे दी।

इस दौरान अखिल भारतीय ब्राम्हण महासंघ के कार्यकर्ताओं की ओर से वंदे मातरम, भारत माता की जय आदि के नारे लगाए जाते रहे और कोरा प्रचार पाने के लालच में ब्राम्हणों व हिन्दू संगठनों को बदनाम करने के लिए मुश्रीफ को पूरे कार्यक्रम के दौरान कोसा जाता रहा।
फिलहाल कार्यक्रम संपन्न हो गया है। अभी तक ब्राम्हण महासंघ अथवा मुश्रीफ की ओर से कोई अन्य बयान जारी नहीं किया गया है।

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