अभिनेता सुबोध भावे ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन
पुणे, भारत डायरी समाचार सेवा: येरवडा सेंट्रल जेल में अपने अपराधों के लिए सजा भोग रहे कैदियों को सुधरने का अवसर देने, जेल से रिहा होने के बाद उन्हें अपने पैरों पर खडा होने का हुनर सिखाने और आजीविका के लिए शुरू किए जाने वाले कारोबार को आगे बढाने के लिए समाज में सम्मानजनक जगह बनाने के मुख्य उद्देश्य को लेकर पुणे की येरवडा सेंट्रल जेल में कैदियों को विभिन्न वस्तुओं के निर्माण की न केवल कला सिखाई जाती है बल्कि कच्चा माल व अन्य यंत्र सामग्री उपलब्ध करवाकर उन्हें इसकी बाकयदा ट्रेनिंग भी दी जाती है। इन्हीं कैदियों द्वारा निर्मित विभिन्न वस्तुओं की एक प्रदर्शनी जेल प्रांगण में बने शोरूम में आज से शुरू हुई है। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता सुबोध भावे ने आज सोमवार को किया।
इस अवसर पर जेल के अपर पुलिस महानिदेशक व महानिरीक्षक सुनील रामानंद, जेल पश्चिम विभाग की उप महानिरीक्षक स्वाती साठे, येरवडा सेंट्रल जेल के अधीक्षक यु.टी. पवार आदि उपस्थित थे।

बतादें कि येरवडा सेंट्रल जेल एशिया की सबसे बडी और सुरक्षित जेलों में से एक मानी जाती है। इस जेल में मौजूदा समय में करीब 5000 से अधिक कैदी सजा भुगत रहे हैं। सजा भुगत रहे कैदियों के हाथ को कुछ काम मिले औैर वे जेल से बाहर निकलें तो आत्मनिर्भर हो सकें इसे ध्यान में रखकर जेल प्रशासन की ओर से उनके लिए विभिन्न प्रकार के उपक्रम जेल में ही चलाए जाते हैं।

जेल में ही बने हैं अनेकों कारखाने

येरवडा सेंट्रल जेल में ही विभिन्न वस्तुओं के निर्माण के लिए अनेकों कारखाने बने हैैं। यहां जेल में सजा भुगतने वाले कैदियों के माध्यम से अनेकों आकर्षक और उपयोगी वस्तुओं का निर्माण करवाया जाता है। इसमें सीजनल जैसे राखी के सीजन में राखी और होली के सीजन में आकर्षक पिचकारी आदि का निर्माण होता है। इसके अलावा दैनिक उपभोग की वस्तुओं जैसे चादर, कपडे, कुर्सी मेज, चटाई, फर्नीचर आदि भी बनाए जाते हैं। अभिनेता संजय दत्त को यहां फर्नीचर बनाने का काम मिला था।

इस प्रदर्शनी के संबंध में बोलते हुए अभिनेता सुबोध भावे ने कहा कि अब तक मैं जेल के इस उपक्रम के बारे में सिर्फ सुनता रहा हूं जबकि आज मुझे इसे प्रत्यक्षतौर पर देखने का अवसर मिला है। कैदियों द्वारा बनाई गई चादर मेरे घर पर हैं। आज इन्हें मैं नजदीक से देख और समझ पा रहा हूं। रंगमंच पर काम करते हुए कलाकार जब पहला वाक्य बोलता है तो वह यह जानना चाहता है कि उसका सुर ठीक से निकला था या कि नहीं। यहां यद्यपि कैदियों का एक सुर बेसुरा निकला होगा किंतु इस सुर में सुर मिलाने का काम जेल प्रशासन कर रहा है। यहां के कैदियों को उर्जा देने का काम जेल प्रशासन की ओर से किया जा रहा है यह अत्यंत अच्छी बात है।
भावे ने कैदियों को येरवडा जेल में इससे पहले सजा भुगतने वाले आजादी के दीवानों की याद दिलाई और कहा कि उनकी सजा पूरी होने के बाद उन्होंने अपना कर्तव्य खत्म नहीं माना और वे अनवरत देश सेवा में लगे रहे। आप भी जब बाहर जाएं तो अपने हुनर के माध्यम से देश सेवा में लग जाएं।

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